• dainik kshitij kiran

तालिबान से शांति वार्ता का सही समय : गनी



काबुल । अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने बुधवार को कहा कि सरकार और तालिबान के बीच बातचीत होनी चाहिए और शांति वार्ता के लिए यह सही समय है। उन्होंने कहा कि शांति वार्ता समावेशी होनी चाहिए। यहां पांचवे वार्षिक यूरोपीय भ्रष्टाचार रोधी सम्मेलन को संबोधित करते हुए गनी ने कहा, परिस्थितियों ने शांति वार्ता का सही अवसर मुहैया कराया है और इसका व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यदि इस अवसर से चूक गए तो यह एक विशाल बोझा हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कहा, शांति हर हाल में समावेशी होना चाहिए और इसमें सभी पक्षों को शामिल किया जाना चाहिए। पीछे हटना देश के लिए स्वीकार्य नहीं है और हम सिर्फ आगे बढ़ेंगे।

राष्ट्रपति ने सुरक्षा, सुरक्षा बलों की मौतों को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि इससे जाहिर होता है कि युद्ध की कीमत बहुत भारी है, इसलिए सरकार और तालिबान के बीच वार्ता होनी चाहिए। जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि पिछले 24 घंटों में 70 से अधिक लड़ाके, जिनमें ज्यादातर तालिबान आतंकी थे, देश में मुठभेड़ों में मारे गए।

गनी ने कहा, हमें यह जानना आवश्यक है कि युद्ध की कीमत बिल्कुल स्पष्ट है..सरकार और तालिबान के बीच बातचीत होनी चाहिए, क्योंकि हम (युद्ध के) दो पक्ष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश में युद्ध के पक्ष जटिल हैं, लेकिन वैश्विक अनुभव का इस्तेमाल जरूरी है। गनी ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव समय पर होगा और उन्होंने अपने हाल के इस्लामाबाद दौरे का जिक्र करते हुए कहा, हमने पाकिस्तान के साथ अपने सबंधों का एक नया अध्याय शुरू किया है।


0 views0 comments

Recent Posts

See All

डोनाल्ड ट्रंप ने हमेशा के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद किए

वॉशिंगटन, । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनियों के फेसबुक और ट्विटर द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बाद हमेशा के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट को बंद कर दिया है। उ

डब्ल्यूएचओ ने कहा, भारत में मिला कप्पा नहीं, सिर्फ डेल्टा वैरिएंट ही खतरनाक

संयुक्त राष्ट्र, । कोविड-19 के बी.1.617 स्ट्रेन का डेल्टा यानी बी.1.617.2 वैरिएंट ही दुनिया के लिए चिंता का विषय है। यह तथ्य विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अध्ययन में सामने आया है। ज्ञातव्य है

छिन सकती है नेतन्याहू की कुर्सी, इजराइल में सरकार बनाने के लिये विरोधी विचारधारा के दल एकजुट हुए

यरुशलम । करीब दो हफ्ते पहले जब इजराइल देश में सबसे बुरे सांप्रदायिक तनाव से जूझ रहा था, गाजा से रॉकेटों की बौछार हो रही थी, तब कौन सोच सकता था कि वामपंथी, दक्षिणपंथी और मध्यमार्गी जैसी विरोधी विचारधार