• dainik kshitij kiran

...तो क्या नेहरू भी सांप्रदायिक थे:मोदी

नेहरू-लियाकत समझौते का जिक्र कर बोले पीएम


नई दिल्ली । पीएम नरेंद्र मोदी ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वाले विपक्ष का जोरदार हमला बोला। उन्होंने ऐतिहासिक तथ्यों और समझौते का जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार देश के राष्ट्र निर्माताओं की भावनाओं के अनुसार का काम कर रही है। पीएम ने देश के पहले पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू और लियाकत समझौते का जिक्र करते कहा कि नेहरू ने भी इस समझौते में पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों का जिक्र करते हुए ही समझौता किया था। उन्होंने कहा कि लोग हमपर सांप्रदायिक होने का आरोप लगा रहे हैं, तो क्या पंडित नेहरू सांप्रदायिक थे?

पीएम ने कहा कि 1950 में नेहरू लियाकत समझौता हुआ। इस समझौते का आधार था पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव नहीं होगा। नेहरू जैसे महान विचारक और आपके लिए सबकुछ। उन्होंने उस समय वहां की अल्पसंख्यकों के बजाए सारे नागरिक शब्द का प्रयोग क्यों नहीं किया? नेहरू जी समझौते में पाकिस्तान के अल्पसंख्यक शब्द पर कैसे मान गए? जो हम बता रहे हैं, वही बात नेहरू जी ने उस समय बताई थी। नेहरू ने अल्पसंख्यक शब्द क्यों प्रयोग किया उसका जवाब देकर वह खुद देकर गए। नेहरू -लियाकत साइन होने के एक साल पहले नहेरू ने असम के सीएम गोपीनाथ को एक पत्र लिखा था, आपको हिंदू शरणार्थियों और मुस्लिम प्रवासी के बीच फर्क करना ही होगा और देश को इन शरणार्थियों की जिम्मेदारी लेनी ही पड़ेगी। नेहरू-लियाकत समझौते के कुछ महीने के भीतर ही नहेरू 5 नवंबर 1950 को एक बयान दिया था। नेहरू ने कहा था कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि जो प्रभावित लोग भारत में सेटल होने के लिए आए हैं वे नागरिकता मिलने के हकदार है और अगर इसके लिए कानून अनुकूल नहीं है तो इसके लिए कानून में बदलाव करने की जरूरत है। 1963 में लोकसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देने के लिए विदेश राज्य मंत्री दिनेश सिंह बोल रहे थे तो आखिर में नेहरू ने टोकते हुए कहा था कि पूर्वी पाकिस्तान (अभी बांग्लादेश) में वहां की अथॉरिटी हिंदुओं पर जबरदस्त दबाव बना रही है। पाकिस्तान के हालात को देखते हुए गांधी जी ही नहीं नेहरू की भी भावना रही थी।

कांग्रेस के लिए जो मुस्लिम, वो हमारे लिए हिंदुस्तानी

प्रधानमंत्री मोदी ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में कांग्रेस पर जमकर हमला किया। संशोधित नागरिकता कानून पर जारी विरोध के बीच मोदी ने कांग्रेस से कहा कि हमें याद दिलाया जा रहा है कि क्विट इंडिया और जय हिंद का नारा देने वाले हमारे मुस्लिम ही थे। दिक्कत यही है कि कांग्रेस की नजर में ये लोग हमेशा ही सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम थे। लेकिन हमारे लिए, हमारी नजर में वो भारतीय हैं, हिंदुस्तानी हैं। देश ने देख लिया है कि दल के लिए कौन है और देश के लिए कौन है। जब बात निकली है तो दूर तलक जानी चाहिए। किसी को प्रधानमंत्री बनना था, इसलिए हिंदुस्तान में लकीर खींची गई और हिंदुस्तान का बंटवारा कर दिया गया। सीएए को लेकर मोदी ने कहा कि इतने दशकों के बाद भी पाकिस्तान की सोच नहीं बदली है, वहां आज भी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं, इसका ताजा उदाहरण ननकाना साहिब में देखने को मिला। ये केवल हिंदू और सिखों के साथ नहीं बल्कि वहां अन्य जो अल्पसंख्यक हैं, उनके साथ भी यही हो रहा है।

1 view0 comments

Recent Posts

See All

कांग्रेस का हाथ थामते ही आप पर बरसे खैहरा, केजरीवाल को बताया तानाशाह

नई दिल्ली, । पंजाब के सियासी गलियारों में बीते कई दिनों से चल रही अटकलों पर आखिरकार विराम लगाते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के बागी नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने गुरुवार को अपने दो विधायकों के साथ कांग्रेस का

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की शिवराज सरकार की तैयारी केवल कागजी दावा : कमलनाथ

भोपाल । मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि दूसरी लहर की भयावहता को देखने के बाद भी कोरोना की तीसरी लहर को लेकर प्रदेश सरक

12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के माता-पिता और विदेश जाने वाले विद्यार्थियों को टीकाकरण में प्राथमिकत

होशंगाबाद। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि हमने कोरोना की दूसरी लहर पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है। तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है। तीसरी लहर का मुकाबला करने की तैयारी प्रारंभ कर दी गई ह