चाबहार बंदरगाह सुरक्षित है, चालू रहेगा : ईरानी राजदूत



नई दिल्ली, । अमेरिका और ईरान के बीच बड़े पैमाने पर सैन्य संघर्ष की आशंका के बीच भारत में ईरान के राजदूत डॉ अली चेगेनी ने कहा है कि चाबहार बंदरगाह सुरक्षित है और वह चालू रहेगा। साथ ही, उन्होंने संघर्ष टालने के लिए भारत से कूटनीतिक उपाय करने का आग्रह भी किया। अमेरिका के खिलाफ जवाबी मिसाइल हमले के बाद यहां मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ चेगेनी ने कहा कि चाबहार बंदरगाह को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है। बंदरगाह चालू रहेगा। उन्होंने कहा कि यह बंदरगाह केवल ईरान और भारत का ही नहीं है बल्कि यह इस क्षेत्र के देशों से भी जुड़ा है। यह बंदरगाह भारत, ईरान, अफ़ग़ानिस्तान, मध्य एशिया के  देशों, यूरोप और सभी खाड़ी देशों के बीच मित्रता का प्रतीक है। ईरानी राजदूत ने कहा कि भारत खाड़ी देशों और पंश्चिम एशिया से जुड़ा इस क्षेत्र का प्रमुख देश है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को टालने में वह भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने मित्र देश भारत के किसी कूटनीतिक प्रयास का स्वागत करेगा। डॉ चेगेनी ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ युद्ध नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई अपने सैन्य अधिकारी कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए की है। ईरानी जनता अमेरिका को ऐसा जवाब देने के लिए मांग कर रही थी।  उन्होंने कहा कि ईरान इस क्षेत्र में शान्ति और भाईचारे के साथ रहना चाहता है। संघर्ष भड़काने में ईरान की कोई दिलचस्पी नहीं है। भारत में चाबहार बंदरगाह की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता है। इस बंदरगाह का एक हिस्सा भारत ने पट्टे पर लिया है जिसका उपयोग अफगानिस्तान और मध्य एशिया के देशों तक माल की आवाजाही के लिए किया जाता है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव के सिलसिले में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कुछ दिन पहले ही ईरान के विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ से टेलीफोन पर बातचीत की थी। पश्चिम एशिया में नवीनतम घटनाक्रम से भारत तेल की आपूर्ति को लेकर चिंतित है। साथ ही उसे खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीय कामगारों की सुरक्षा की भी फिक्र है। खाड़ी के होर्मुज़ जलसंधि क्षेत्र में भारतीय नौसेना के युद्धपोत पहले से तैनात हैं।

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