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चीन में सार्स संक्रमण के 140 नए मामले सामने आए


पेइचिंग । चीन में रहस्यमय सार्स जैसे वायरस (विषाणु) का कहर बढऩे के बीच इसकी चपेट में आने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके करीब 140 नए मामले सामने आए हैं। कोरोनावायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है, लेकिन इनमें से केवल छह विषाणु ही लोगों को संक्रमित करते हैं। चीन में इस वायरस संक्रमण को देखते हुए भारत सरकार ने अडवाइजरी जारी की है।

इसके सामान्य प्रभावों के चलते सर्दी-जुकाम होता है लेकिन सिवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) ऐसा कोरोनावायरस है जिसके प्रकोप से 2002-03 में चीन और हॉन्ग कॉन्ग में करीब 650 लोगों की मौत हो गई थी। स्थानीय स्वास्थ्य आयोग ने मृतकों के संबंध में जानकारी दिए बिना बताया कि वुहान में सप्ताहांत में इसके करीब 136 नए मामले सामने आए हैं।

पेइचिंग के डेक्सिंग जिले में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि वुहान गए दो लोगों का विषाणु से जुड़े न्यूमोनिया का इलाज किया गया और अब उनकी हालत स्थिर है। शहर के स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि चीन में करीब 201 लोग इसकी चपेट में आए हैं। वुहान में 170 लोगों का अब भी इलाज जारी है, जिनमें से नौ की हालत गंभीर है।

भारत ने चीन के वुहान में निमोनिया के नये प्रकार के प्रकोप के चलते चीन जाने वाले अपने नागरिकों के लिए शुक्रवार को एक परामर्श जारी किया था। वुहान में करीब 500 भारतीय मेडिकल छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। भारत की ओर से जारी यात्रा परामर्श में कहा गया, ‘चीन में नए कोरोनावायरस के संक्रमण का पता चला है। 11 जनवरी, 2020 तक 41 मामलों के सामने आने की पुष्टि हुई है।’

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