घर-घर जाकर किया गया आमंत्रण पत्र का वितरण

आज आस्था और उत्साह के साथ मनाई जाएगी भगवान परशुराम की जयंती


सीहोर (निप्र)। हर साल की तरह इस साल भी सर्व ब्राह्मण समाज के तत्वाधान में मंगलवार को शहर के खंजाची लाइन में सुबह नौ बजे विशेष रूप से भगवान परशुराम की पूजन और महाआरती के पश्चात प्रसादी का वितरण किया जाएगा। इसके अलावा आगामी दिनों में महोत्सव के अंतर्गत सात मई को महिला मंडल के द्वारा कलश, पूजन थाली सजावट प्रतियोगिता आदि का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात आठ मई को शाम पांच बजे से धर्मशाला से भगवान परशुराम का भव्य चल समारोह निकाला जाएगा। इसके उपरांत भंडारे का आयोजन रात्रि सात बजे से किया जाएगा। सर्व ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष बालमुकुन्द पालीवाल, महिला संठगन की अध्यक्ष नीलम शर्मा, ग्रामीण इकाई अध्यक्ष सुभाष शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष सुदीप व्यास, चल समारोह समिति के अध्यक्ष प्रवीण तिवारी, चल समारोह की महिला अध्यक्ष निर्मला शर्मा, युवा अध्यक्ष चल समारोह नितिन उपाध्याय और चल समारोह प्रभारी रमाकांत समाधिया आदि पदाधिकारियों की बैठक का आयोजन किया गया था।

इस संबंध में समाज के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि आगामी आठ मई को भव्य रूप से परशुराम जयंती को लेकर बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें कई जिम्मेदारियां तय की गई। चल समारोह में शामिल होने वाले संत-पुजारी अपने गणवेश में जुलूस के साथ रहेंगे, वहीं विप्रजन कुर्ता पजामा आदि पहनकर रहेंगे। इसके अलावा ब्राह्मण महिला मंडल के द्वारा भी घर-घर जाकर मातृशक्तियों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।सर्वसिद्धि योग बन रहा है उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया सर्वाधिक सर्व सिद्धि योग वाली तिथि है। इस दिन किए जाने वाले सभी अच्छे कर्मों का अच्छा परिणाम प्राप्त होता है और उसका लाभांश कभी नष्ट नहीं होता, इसलिए इसे अक्षय कहा जाता है। इसी दिन वसंत ऋतु का समापन और ग्रीष्म ऋतु का प्रारंभ होता है। रोहिणी नक्षत्र और शोभन योग की वजह से मंगल रोहिणी योग बन रहा है। इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में, शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में, शनि अपनी स्वराशि कुंभ में और बृहस्पति अपनी स्वराशि मीन में मौजूद होंगे। मंगलवार को तृतीया तिथि होने से सर्वसिद्धि योग बन रहा है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में गंगा जल डाल स्नान करें. उसके बाद पीले वस्त्र पहन कर पीले आसन पर बैठकर श्री विष्णु जी और माता लक्ष्मी की प्रतिमा पर अक्षत चढ़ायें। इस दिन दो कलश की स्थापना उत्तम माना जाता है।

एक कलश में जल भरकर पंच पल्लव डालकर उसके बाद उसके ऊपर किसी पात्र में अनाज रखकर स्वास्तिक का चिन्ह बनाए और इस दौरान कलश स्थापना मंत्र का जाप करें। श्री दीक्षित ने बताया कि मंगलवार की सुबह सभी विप्रजनों के घरों पर भगवान परशुराम की पूजा और दीप प्रज्जवलित के साथ-साथ शहर के खजांची लाइन स्थित धर्मशाला में पूजन और आरती का आयोजन किया जाएगा। सर्व ब्राह्मण समाज ने सभी क्षेत्रवासियों, विप्रजनों और श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।



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