• dainik kshitij kiran

गुमनामी में दर्ज एक बहुमुखी प्रतिभा

ओंन लाइन हार्मोनिका सिखा रहें हैं हजारों लोगों को



विलक्षण सक्सेना

राजेंद्र प्रसाद सक्सेना एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी हैं। साक्षात्कार के दौरान उन्होंने बताया कि किसी भी कार्य को पूरी दक्षता के साथ करना उनका स्वभाव है। ये गुण उनको अपने पूज्य पिताश्री स्वर्गीय श्री सीतल प्रसाद सक्सेना जी से विरासत में मिला है । राजेन्द्र बचपन से ही ईश्वर में आस्था रखते है, और वर्तमान में श्री राम चन्द्र मिशन में हार्टफुलनेस ध्यान पद्धति के अधिकृत ध्यान प्रशिक्षक हैं। 2011 में बैंक से अवकाश प्राप्त कर आज वे अपने बचपन के शौक हार्मोनिका वादन का लाभ सम्पूर्ण विश्व के हार्मोनिका प्रेमी उत्सुक लोगों को जिनकी उम्र 5 साल से लेकर 70 साल तक है, अपने हुनर के प्रशिक्षण से दे रहे हैं। राजेंद्र प्रसाद सक्सेना ओंन हार्मोनिका नाम से चल रहे उनके यूट्यूब चैनल पर आप उनकी कला व प्रशिक्षण का आनन्द उठा सकते हैं। आज की तारीख में उनके विडियोज़ को 19 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं तथा 45 हजार से ज्यादा लोगों ने चैनल को सब्सक्राइब किया हुआ है। उनके कथनानुसर वे अपनी आयु के चलते अपने चाहने वालों कि डिमांड को पूरा नहीं कर पाते हैं जिसका उन्हें बेहद अफ़सोस है। फिर भी उनके दर्शकों का प्यार व प्रोत्साहन उन्हें इतना मिलता है कि वे अब भी अपने फैंस की हर फर्माइश पूरी करने का प्रयास करते हैं। श्री सक्सेना ने हमे हार्मोनिका के विषय में काफी विस्तृत जानकारी दी। उनका मानना है कि हार्मोनिका जैसे मधुर वाद्य की संगीतज्ञ लोगों ने बहुत उपेक्षा की है। उनका मानना है कि छोटे से आकार के इस वाद्य की तकनीक इतनी सूक्ष्म और परिष्कृत है कि ये सीधे मनुष्य के मस्तिष्क से जुड़ जाता है। यहां तक कि इसका प्रभाव मनुष्य को आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करने का कार्य करता है।वो ये कहते हैं कि हार्मोनिका वादन अपने आपमें योगा, प्राणायाम तथा ध्यान प्रक्रिया का एक सम्पूर्ण पैकेज है जो वादक को सांस और पेट कि तमाम व्याधियों से सुरक्षित करता है। वह ये सब बातें अपने अनुभव के आधार पर साझा कर रहे थे। हार्मोनिका के इतिहास से जुड़ी तमाम रोचक जानकारियां हमे उनके द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि इसका आविष्कार 1820 में एक जर्मन  साउंड इंजीनियर के द्वारा हुआ। सेकेंड वल्र्ड वार के टाइम में जर्मन शासक एडोल्फ हिटलर ने इस वाद्य को अपनी आर्मी के ड्रेस कोड में रखा था।  फौजियों को ड्रेस के साथ एक छोटा हार्मोनिका भी दिया जाता था। श्री सक्सेना का कहना है कि उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से काफी कुछ हार्मोनिका और इससे जुड़े लोगों में इसके प्रति लगाव और लोकप्रियता को बढ़ाने का समुचित प्रयास किया है। वे चाहते हैं कि इस मधुर और अद्भुत वाध्य के प्रति लोगों तक सही जानकारी पहुंचे और अधिक से अधिक लोग इसके प्रति जागरूक हों। इस साक्षात्कार के दौरान उन्होंने अपने हृदय की वेदना जाहिर की जो वास्तव में ध्यान देने योग्य है। वे कहते हैं कि भारत में आज की तारीख में भी हार्मोनिका निर्माण करने की कोई कंपनी नहीं है। उनका सोचना है कि मेक इन इंडिया योजना के तहत भारत सरकार को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। ये एक अत्यंत प्रगतिशील कदम होगा। वे सोशल मीडिया के माध्यम से इच्छुक लोगों को नॉमिनल पारिश्रमिक पर प्रशिक्षण देने का विचार रखते हैं। इच्छुक पाठक उनसे दिए गए कांटैक्ट नंबर पर ईमेल एड्रेस पर संपर्क कर सकते है। हम श्री सक्सेना के यूट्यूब कमेंट बॉक्स से उनके फैंस के कुछ महत्वूर्ण कमेंट आपकी प्रेरणा को बढ़ाने के लिए यहां प्रेषित कर रहे है। श्री सक्सेना के बारे में कुछ और परिचय हम यहां देना चाहते हैं कि वे एक ख्यातिलब्ध प लेखक ,कवि, नाट्य निर्देशक, वा संगीतज्ञ हैं । रेडियो पर प्रसारित उनके कई नाटकों ने लोकप्रियता हासिल कि है। रेडियो के लिए लिखा गया 13 एपिसोड का धारावाहिक चित्रलेखा जो भगवती चरण वर्मा के सुप्रसिद्ध उपन्यास पर आधारित नाट्य रूपांतरण था ने काफी सुर्खियां बटोरी व बहुचर्चित रहा। इस धारावाहिक का निर्देशन श्री सक्सेना द्वारा ही किया गया था। रीवा आकाशवाणी के द्वारा निर्मित एवम् प्रसारित ये धारावाहिक आज भी चर्चा का विषय बना रहता है।श्री सक्सेना आकाशवाणी रीवा के पहले ए ग्रेड ड्रामा आर्टिस्ट, दूरदर्शन भोपाल से बी हाई ग्रेड ड्रामा आर्टिस्ट, अनुमोदित रेडियो गायक हैं। वे दो साल तक गुजरात, मध्य प्रदेश वा राजस्थान के लिए सोंग एंड ड्रामा डिवीजन के मनोनीत कार्यक्रम विशेषज्ञ भी रह चुके हैं। श्री सक्सेना ने भारत के प्रथम टैलेंट हंट मिले सुर मेरा तुम्हारा में 20000 कैसेट्स में प्रथम स्थान पर चयनित हो कर  रीवा के कलाकारों के बीच एक ऐतिहासिक स्थान बना कर रीवा का गौरव पूरे विश्व में बढ़ाया है। क्षितिज किरण के माध्यम से वे अपने फैंस और फॉलोअर्स के उत्कर्ष कमेंट आप सब लोगो तक पहुंचाना चाहते है जिनसे उन्हें रचनात्मक कार्यों को करते रहने की ऊर्जा प्राप्त होती है। कुछ चुनिंदा कमेंट जो श्री सक्सेना जी के स्वभाव एवम् प्रतिभा पर प्रकाश डालते हैं उनके लिए हार्मोनिका की दुनिया से दिए गए अवॉड्र्स से कम नहीं है।

1 view0 comments

Recent Posts

See All

सोने की लंका लुटी पांच सितारा उपचार में

आलोक पुराणिक कबीरदास सिर्फ संत ही नहीं थे, अर्थशास्त्री थे। उनका दोहा है—सब पैसे के भाई, दिल का साथी नहीं कोई, खाने पैसे को पैसा हो रे, तो जोरू बंदगी करे, एक दिन खाना नहीं मिले, फिरकर जवाब करे। सब पैस

पश्चिम बंगाल में चुनावी कटुता भुलाने का समय

कृष्णमोहन झा/ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र की मोदी सरकार के बीच टकराव का जो सिलसिला ममता बनर्जी के दूसरे कार्यकाल में प्रारंभ हुआ था वह उनके तीसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही पहले स

उत्पादकता बढ़ाने में सहायक हो ऋ ण

भरत झुनझुनवाला वर्तमान कोरोना के संकट को पार करने के लिए भारत सरकार ने भारी मात्रा में ऋण लेने की नीति अपनाई है। ऋण के उपयोग दो प्रकार से होते हैं। यदि ऋण लेकर निवेश किया जाए तो उस निवेश से अतिरिक्त आ