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गरीब सब्जी की दुकान लगाने वालों ने प्रशासन से लगाई गुहार


 होशंगाबाद(निप्र)। सब्जी बाजार को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से नपा के द्वारा सब्जी बाजार में 160 चबूतरों का निर्माण करा कर सब्जी वालों को आवंटित कराया गया था। गरीब सब्जी वालों ने जैसे तैसे करके राशि एकत्रित की थी। लेकिन इन चबूतरों में अनेेक खामियां होने के कारण सब्जी वाले इन चबूतरों पर नहीं बैठ रहे थे। अब बारिश शुरू हो गई है। प्रशासन भी चाहता है कि शेड के नीचे दुकाने लगाई जाए। सब्जी विक्रेता इन दुकानों पर बैठने लगे हैं। इनमें से अनेक दुकान दारों को इस बात का डर है कि उनकी दुकानों को राजसात करने की कार्रवाई करने के पूव्र में आदेश दिए थे।

कोरोना संकट से परेशान हैं गरीब वर्ग

कोरोना संकट से गरीब वर्ग परेशान हैं यदि ऐसे समय में प्रशासन ने चबूतरों को राजसात करके किसी अन्य को दुकान के चबूतरे दिए तो शब्जी वाले काफी परेशान हो जाएंगे। इसलिए उनके हक को उन्हें दिया जाए। इन सब्जी वालों ने कहा कि चबूतरों को सुधार दिया है। उनके चढऩे के लिए सिडाव बना दिया गया है। अब वे यहीं पर दुकान लगाने के लिए तैयार हैं।

9लाख की राशि मिली थी नपा को

 चबूतरों की बिक्री से नपा को करीब 09 लाख की राशि मिली है। इन चबूतरों में से अधिकांश चबूतरों की हालत क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण कई दुकानदारों ने चबूतरा पर बैठना उचित नहीं समझा था। एक कारण ठंड में धूप में ही सब्जी बेचना ठीक लग रहा था। इस कारण भी चबूतरों पर नहीं बैठ रहे थे। उस समय के विवादित इंजिनियर ने नपा के द्वारा झूठी जानकारी कलेक्टर को दी गई जिस पर कलेक्टर ने चबूतरों की राशि राजसात करने की बात कही थी।

सुधारने के लिए दिए थे आवेदन

 चबूतरा की राशि जमा करने वालों ने चबूतरों को सुधारने के लिए आवेदन दिए थे उनका कोई निराकरण नहीं किया गया था। इन चबूतरों की साइज कम होने तथा जगह जगह से टूटफूट हो जाने के कारण इन चबूतरों पर दुकानदार सुधार होने तक बैठना नहीं चाहते थे। अब सुधार हो जाने पर सभी तैयार हो गए हैं।

नपा ने सुधारने का किया था वादा

चबूतरा की राशि जमा करने वाले दुकानदार गोविंद रैकवार ने कहा कि राशि जमा करते समय हम सभी दुकानदारों ने नपा से कहा था कि कई दुकान के चबूतरे की हालत खराब है इस पर कैंसे बैंठेगे? उन्हें सुधरवाए जाएं तब नपा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कहा था कि चबूतरों को सुधार दिए जाएंगे। तब दुकानदारों ने प्रति दुकान 5 हजार की राशि जमा कर रसीद कटवा ली थी। लेकिन उसके बाद नपा भूल गई कि दुकानदारों से कोई वादा किया था। इस कारण सब्जी के चबूतरे खरीदने वाले सुधारने का इंतजार करते रहे। नपा नहीं सुधरवाए इस कारण चबूतरों पर बैठने की बजाए नीचे ही बैठकर दुकान चला रहे हैं।

चबूतरों पर जाने का रास्ता बनाएं

चबूतरा की राशि जमा करने वालों ने मांग की थी कि चबूतरा के पास जाने के दोनों तरफ से रास्ते भी ठीक नहीं है पहले रास्ते बनाए जाएं इसके बाद राशि राजसात करने की बात होनी चाहिए। उनकी बात को सुनने वाला कोई नहीं था। उस समय जो इंजिनियर रमेश वर्मा था उसने प्रशासन को गलत रिपोर्ट दी थी। लेकिेन अब दुकानवाले बैठने लगे हैं। 

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