किसानों के साथ छलावा नहीं होने देगी सरकार, कानूनी बदलावों से लाभ: तोमर

केंद्र सरकार के नए अध्यादेश से किसानों को उपज मूल्य की गारंटी पहले से मिलना तय


नई दिल्ली । केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि केंद्र सरकार किसानों के साथ छलावा नहीं होने देगी, इसीलिए नए अध्यादेश के माध्यम से कानूनी प्रावधान किए गए हैं। अब किसानों को उनकी उपज के मूल्य की गारंटी पहले से मिलना भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को रोजगार देने के लिए केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण रोजगार योजना प्रारंभ की है, वहीं उत्तरप्रदेश सरकार ने भी अपने स्तर पर लाखों रोजगार देने का व्यापक अभियान चलाया है, जो सराहनीय है।

तोमर ने मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), दातागंज, बदायूं-2 (उत्तर प्रदेश) के प्रशासनिक भवन का आनलाइन शिलान्यास किया। इस अवसर पर तोमर ने कृषि व अन्य क्षेत्रों में हो रहे निरंतर विकास का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश समग्र विकास की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना को साकार कर रहा है। सरकार छोटे तबके के प्रति भी संवेदनशील है, जिसका उदाहरण है कि पिछले दिनों प्रवासी मजदूरों के आवागमन सहित अन्य विषयों को यूपी सरकार ने गंभीरता से लिया और बेहतर रणनीति बनाकर सफलतापूर्वक काम किया।

तोमर ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गरीब कल्याण रोजगार योजना को छह राज्यों के 116 जिलों में लागू कर रोजगार देने के लिए ठोस कदम उठाया हैं, वहीं यूपी सरकार ने भी अपने स्तर पर श्रमिकों को रोजगार देने का व्यापक अभियान चलाया है, जिसका शुभारंभ पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने किया।

तोमर ने लाकडाउन के बावजूद उत्तर प्रदेश में खेती-किसानी के क्षेत्र में अच्छा काम होने पर किसानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में नए रिफार्म हुए हैं। दो नए अध्यादेश लाए गए हैं। कानूनी बदलावों के कारण किसान अब अपनी उपज देश में कहीं भी बेच सकते हैं, उन पर किसी की कोई पाबंदी नहीं है। कृषि के क्षेत्र में इससे क्रांतिकारी बदलाव होगा। मूल्?य आश्?वासन और कृषि सेवाओं के करारों के लिए किसानों का सशक्?तिकरण और संरक्षण अध्?यादेश- 2020 लाए जाने से अब किसानों को पहले से ही अपनी उपज के मूल्य की गारंटी मिल सकेगी। फसल खरीदने के करार के साथ ही, हर परिस्थिति में व्यापारियों को किसानों के उत्पादों का न्यूनतम मूल्य का भुगतान करना ही पड़ेगा। किसानों के साथ किसी भी तरह का छलावा नहीं हो सकें, यह सुनिश्चित करने की कोशिश केंद्र सरकार ने अध्यादेश के माध्यम से की है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि यूपी में 86 केवीके हैं, जो अच्छा काम कर रहे हैं। उ.प्र. में विगत वर्षों में 20 केवीके की स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 17 खोले जा चुके हैं। शेष 3 केवीके प्रयागराज, रायबरेली व आजमगढ़ में शीघ्र खुल जाएंगे। एक केवीके मुरादाबाद में प्रस्तावित है। तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में सरकार बनने के बाद से कृषि व अन्य क्षेत्रों के अंतराल को भरने का काम किया जा रहा है।

खाद्यान्न की दृष्टि से देश अब आत्मनिर्भर ही नहीं बल्कि अधिशेष है। इसमें किसानों के साथ ही वैज्ञानिकों का बड़ा योगदान है। केवीके अच्छी साख जमा चुके हैं, फिर भी निरंतर काम करने की आवश्यकता है। देश में 86 प्रतिशत छोटे व सीमांत किसान है, जिन तक सभी सरकारी सुविधाओं, योजनाओं व कार्यक्रमों की पहुंच होना चाहिए। इस दिशा में राज्य सरकारों के साथ केवीके को काम करने की जरूरत है।


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