किसानों की आमदनी दोगुनी करने कृषि के साथ काम करेगा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय: गोयल


नईदिल्ली । केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग तथा रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कृषि में सहकारी क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने के लिए जनांदोलन का आह्वान किया है। आज नई दिल्ली में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेले (आईआईसीटीएफ) के बारे में अपने संबोधन में केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सहकारिता क्षेत्र की वास्तविक संभावनाओं का उपयोग करने के लिए वाणिज्य और कृषि मंत्रालय के एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी, कृषि सचिव संजय अग्रवाल और कृषि मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। पीयूष गोयल ने किसानों और कृषि आधारित उद्योगों को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस सरकार के गठन के बाद कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के साथ उनकी तीन विचार-विमर्श बैठक हुई हैं। इनमें दोनों मंत्रियों ने 2024-2025 तक कृषि निर्यात को 2.7 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर लगभग सात लाख करोड़ रुपये करने के ढांचे को स्थापित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। पीयूष गोयल ने यह भी घोषणा की कि भारत में सहकारी समितियों के लिए एक आदान-प्रदान मंच के रूप में एक सहकारिता क्षेत्र निर्यात संवर्धन फोरम की स्थापना की जाएगी। किसानों के सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का स्मरण करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि कृषि, सरकार का एक प्राथमिकता वाला क्षेत्र है और सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आईआईसीटीएफ एक विशिष्ट अवधारणा और अवसर है, जो कृषि सहकारिता के व्यापक आंदोलन को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ले जाएगा। इस अवसर पर वाणिज्य और उद्योग मंत्री के साथ केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने 'लोगो का अनावरण किया और नई दिल्ली में 11 से 13 अक्टूबर, 2019 तक आयोजित होने वाले आईआईसीटीएफ का ब्रोशर भी जारी किया। वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस व्यापार मेले में जनजातीय सहकारी समितियों को विशेष छूट दी जाएगी।

0 views0 comments