कोरोना वैक्सीन से बढ़ी है रोग प्रतिरोधक क्षमता: समोलार्चुक


मास्को । रूस की सिचेनोव यूनिवर्सिटी में दवाओं के लिए नैदानिक अनुसंधान केंद्र की प्रमुख एलिना स्मोलार्चुक ने कहा है कि जिन लोगों पर कोरोना वायरस वैक्सीन का परीक्षण किया गया है, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है।सुश्री समोलार्चुक ने कहा, जिन लोगों पर इसका परीक्षण किया गया, उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ी है। वैक्सीन का व्यक्तिगत असर होता है और आमतौर पर इसमें कई दिन लगते हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिरक्षा सुरक्षा के अधिकतम स्तर का पता वैक्सीन का इस्तेमाल करने के तीन सप्ताह बाद चलता है।उन्होंने कहा, यदि टीका की प्रभावशीलता साबित हो जाती है, तो इसे पंजीकृत किया जाएगा और इसके बाद बड़े पैमाने पर शोध कार्य शुरू होगा, जिनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग शामिल होंगे जिन्हें टीका लगाया जाएगा और यह समझने की कोशिश की जाएगी कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को कब तक संरक्षित किया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि रूस में कोरोना वैक्सीन का मानवों पर परीक्षण की प्रक्रिया का दूसरा चरण सोमवार को शुरू हुआ। इसके पहले चरण में जिन लोगों पर इसका परीक्षण किया था, उन्हें 15 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी।

0 views0 comments