• dainik kshitij kiran

किम जोंग के सकुशल वापसी पर ट्रंप खुश

वाशिंगटन । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग-उन की सकुशल वापसी पर खुशी जाहिर की है। मीडिया ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। समाचार एजेंसी योनहाप ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि पहले खबरे आ रही थी कि उत्तर कोरियाई तानाशाह गंभीर रूप से बीमार है। इसके बाद 20 दिनों से सर्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहे किम की तस्वीरों को देश की सरकार ने शनिवार को साझा कर उनके ठिकाने और स्वास्थ्य के बारे में चल रही गहन अटकलों को विराम देने का कार्य किया। उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग-उन ने सार्वजनिक रूप से सामने आते हुए शुक्रवार को एक फर्टिलाइजर फैक्ट्री का उद्घाटन किया था। कार्यक्रम की तस्वीरों को बाद में साझा किया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन्हीं तस्वीरों को ट्विटर पर शेयर कर कहा, मैं, एक के लिए (जोंग-उन) खुश हूं। बैक एंड वेल यह देखकर खुशी हुई। राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को किम के पब्लिक अपीरियंस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने संवाददाताओं से इसके जवाब में कहा था कि उचित समय पर इस बारे में कहने के लिए उनके पास कुछ हो सकता है। तानाशाह किम जीवित है या नहीं इस पर कुछ कहने से भी ट्रंप ने इनकार किया, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि क्या वह सप्ताहांत में उत्तर कोरिया के सुप्रीम कमांडर से बात करेंगे? तो इसके जवाब में उन्होंने कहा, हां, हो सकता मैं करूं।

0 views0 comments

Recent Posts

See All

डोनाल्ड ट्रंप ने हमेशा के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद किए

वॉशिंगटन, । अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनियों के फेसबुक और ट्विटर द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के बाद हमेशा के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट को बंद कर दिया है। उ

डब्ल्यूएचओ ने कहा, भारत में मिला कप्पा नहीं, सिर्फ डेल्टा वैरिएंट ही खतरनाक

संयुक्त राष्ट्र, । कोविड-19 के बी.1.617 स्ट्रेन का डेल्टा यानी बी.1.617.2 वैरिएंट ही दुनिया के लिए चिंता का विषय है। यह तथ्य विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अध्ययन में सामने आया है। ज्ञातव्य है

छिन सकती है नेतन्याहू की कुर्सी, इजराइल में सरकार बनाने के लिये विरोधी विचारधारा के दल एकजुट हुए

यरुशलम । करीब दो हफ्ते पहले जब इजराइल देश में सबसे बुरे सांप्रदायिक तनाव से जूझ रहा था, गाजा से रॉकेटों की बौछार हो रही थी, तब कौन सोच सकता था कि वामपंथी, दक्षिणपंथी और मध्यमार्गी जैसी विरोधी विचारधार