कॉमन मतदाता सूची बनाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका

नई दिल्ली, (ए.)। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर संसदीय, विधानसभा और स्थानीय निकाय के चुनावों के लिए एक कॉमन मतदाता सूची बनाने की मांग की गई है। याचिका में मांग की गई है कि जिन्हें मतदाता सूची से बाहर कर दिया गया है, उन्हें मुआवजा दिया जाए।

याचिका एमजी देवासहायम ने दायर किया है। याचिकाकर्ता की ओर से वकील सरीम नावेद, आकर्ष कामरा और कामरान जावेद ने याचिका में कहा है कि कई बार देखने में आता है कि कोई मतदाता वैध मतदाता पहचान पत्र लेकर बूथ पर जाता है और उसे पता चलता है कि उसका नाम मतदाता सूची से गायब है।

याचिका में 1995 के एक फैसले का हवाला दिया गया है कि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने के पहले उसे नोटिस देना जरूरी है। इस आदेश का पालन नहीं किया जाता है।

याचिका में कहा गया है कि वोट देना हमारे लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। किसी मतदाता को वोट देने के अधिकार से वंचित करना न केवल स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का उल्लंघन है बल्कि ये संविधान प्रदत अधिकार का उल्लंघन है।

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