किरर पहाड़ पर भूस्खलन के बाद अब सड़क पर पड़ी दरारें

एमपीआरडीसी के अधिकारियों ने किया निरीक्षण, ठेकेदार को मरम्मत करने के दिए आदेश


अनूपपुर, (ए)। बीती 6 जुलाई को अनूपपुर-अमरकंटक मार्ग पर स्थित किरर पहाड़ पर भूस्खलन की वजह से आवागमन अवरुद्ध कर दिया गया था। तीन स्थानों पर पहाड़ टूट कर सड़क पर गिर गया था, जिसके बाद इस मार्ग की मरम्मत के बाद ही पुन: प्रारंभ कराए जाने की बात कही गई थी। भूस्खलन से हादसे रोकने के लिए पहाड़ पर ही दीवार का निर्माण भी कराया गया था। लगातार हो रही बारिश की वजह से इस दीवार पर भी दरारें पड़ गई हैं वहीं अब सड़क भी जगह जगह से दरकने लगी है।

आधा दर्जन जगहों पर सड़क पर दरारें

भूस्खलन को रोकने के लिए जबलपुर से विशेषज्ञों का दल बुलवाया गया था, जिनके सुझाव के आधार पर किरर पहाड़ पर पत्थरों को लुढ़कने से बचाने के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण भी कराया गया। 10 अगस्त से लेकर 15 अगस्त तक हुई जोरदार बारिश में भूस्खलन की घटना तो घटित नहीं हुई, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ पर ही लगभग आधा दर्जन जगहों पर सड़क पर दरारें पड़ गई हैं। मरम्मत के बाद बनी सड़क भी जगह-जगह से दरक रही है। हनुमान मंदिर के पास सड़क पर दरारें स्पष्ट देखी जा सकती हैं।

सुरक्षा दीवार भी हुई क्षतिग्रस्त

विशेषज्ञ दल ने पहाड़ के निरीक्षण के बाद सुझाव दिया था कि बारिश में पहाड़ की मिट्टी भुरभुरी हो गई है, जिसकी वजह से बड़ी चट्टानें और पेड़ गिर सकते हैं। आवागमन करने वालों को संकट से बचाने के लिए पहाड़ पर ही सड़क किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था, बारिश के बाद इन दीवारों में भी दरारें स्पष्ट रूप से दिखलाई पड़ रही हैं। आगामी दिनों में एक बार फिर भारी बारिश की बात कही जा रही है, ऐसे में यदि पहाड़ पर वर्षा हुई तो यह दीवार क्षतिग्रस्त होकर टूट सकती है।

एक बार फिर किया गया निरीक्षण

सड़क और दीवार पर पड़ रही दरारों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को भी दी थी, जिसके बाद एमपीआरडीसी के महाप्रबंधक के निर्देश पर मुकेश बेले तथा इंजीनियरों ने इस मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने भी पाया कि एक स्थान पर दीवार पर ज्यादा दरार पड़ गई हैं, जिसकी मरम्मत के लिए उन्होंने संबंधित ठेकेदार को निर्देशित भी किया है। सड़क पर आवागमन को प्रतिबंधित किए जाने के बावजूद दुपहिया वाहन एवं छोटे चार पहिया वाहन अभी भी इस सड़क से बेरोकटोक आवागमन कर रहे हैं।

कलेक्टर सोनिया मीना ने बताया कि इस संबंध में एमपीआरडीसी के अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। जांच के पश्चात प्रतिवेदन भी बुलवाया गया है।

0 views0 comments