कमलनाथ ने सीएम शिवराज पर कसा तंज, गंभीर आरोप लगाते हुए दागे सवाल


भोपाल (निप्र)। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंगलवार को एक बयान जारी कर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा भोपाल की सडक़ों पर ठेला लेकर आंगनवाड़ी के बच्चों के लिये खिलौने व अन्य सामग्री एकत्रित करने पर तंज कसते हुए निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को जो करना है, वह तो करते नहीं लेकिन जब भी कुछ करने का समय होता है, जवाबदारी निभाने का समय होता है तो जिम्मेदारी से भाग कर इवेंट में लग जाते हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि आज जब प्रदेश में कुपोषण निरंतर बढ़ता जा रहा है, मध्यप्रदेश कुपोषण के मामले में देश में शीर्ष पर पहुँच चुका है। आज आवश्यकता है कि बच्चों को ठीक पोषण आहार मिले, आंगनवाड़ी के बच्चों को सभी सुविधाएँ मिले, लेकिन अब वो जनता से सहयोग माँग रहे हैं, पुराने खिलोने व सामग्री एकत्रित कर रहे हैं..? बड़ा ही शर्मनाक है कि इस कार्यक्रम को भी इवेंट बनाकर, इसके प्रचार-प्रसार पर ही करोडों खर्च किये जा रहे हैं। जबकि इस राशि से कई आंगनवाडियों की दशा सुधारी जा सकती थी।


उन्होंने कहा कि खुद शिवराज सरकार ने हाल ही में विधानसभा में स्वीकारा है कि मध्य प्रदेश में अभी भी 10 लाख 32 हज़ार 166 बच्चे कुपोषित हैं और इसमें से 6 लाख 30 हज़ार 90 बच्चे अति कुपोषित श्रेणी में है। यह स्थिति 17 वर्षों की भाजपा सरकार की है। कमलनाथ ने तंज कसते हुए कहा कि जिस तरह से उन्होंने सडक़ों पर घूमकर कोरोना को हराया था। जब आप 17 वर्षों की सरकार में स्थितियाँ नहीं सुधार पाये तो इस एक दिन के ठेला इवेंट से स्थितियाँ कैसे सुधरेगी, यह भी आपको प्रदेश की जनता को बताना चाहिये। क्या इससे बच्चे सुपोषित हो जाएँगे..? शिशु मृत्यु दर के आँकड़े कम हो जाएँगे..?


कमलनाथ ने सवाल साधते हुए कहा कि क्या सरकारी खजाने से आंगनवाड़ी के बच्चों की मदद नहीं की जा सकती है, उन्हें खिलौने नहीं दिये जा सकते हैं, क्या सरकार उसके लिये सक्षम नहीं है..? जनता व कई सामाजिक संगठन तो हमेशा से ही बच्चों की मदद के लिये आगे रहते हैं लेकिन सरकार की भी तो कुछ जवाबदारी होना चाहिये..? इस हिसाब से तो ऐसी नाकारा सरकार को तो पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है, ऐसी सरकार को और मुख्यमंत्री को तो खुद हट जाना चाहिए।

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