कमलनाथ की कोशिश कि राहुल गांधी की यात्रा के बहाने कांग्रेसियों में जोश व एकजुटता की भावना आए

भोपाल, (आरएनएस)। राहुल गांधी की बहुचर्चित भारत जोड़ों यात्रा सात सितम्बर से कन्याकुमारी से प्रारंभ हो गई हे। 3587 किलोमीटर की इस यात्रा के दौरान राहुल गांधी कांग्रेस के मूल विचार को देशभर में फैलाने की कोशिश करेंगे। राहुल गांधी की पदयात्रा का 382 किमी का हिस्सा मध्यप्रदेश से होकर गुजरेगा। उनकी यात्रा 24 नम्बर को बुरहानपुर से प्रवेश करेगी। मंदसौर और नीमच जिले से होते हुए राहुल गांधी कोटा के लिए रवाना होंगे। मध्यप्रदेश वाले हिस्से की तेयारी खुद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ देख रहे हैं। पूर्व दिग्विजय सिंह इस यात्रा के राष्ट्रीय स्तर पर प्रभारी हैं। ये भी राहुल गांधी की यात्रा को सफल बनाने के लिए प्रयत्नशील हैं। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी की यात्रा की समूची रणनीति कमलनाथ ने बनाई है। कमलनाथ ने मध्यप्रदेश में कांग्रेस को हिंदूवादी बनाने की कोशिश की है। 2018 के चुनाव में भी कमलनाथ ने सॉफ्ट हिंदुत्व को अपनाया था। इसका लाभ भी कांग्रेस को मिला। कमलनाथ केे सॉफ्ट हिंदऊत्व के कारण भाजपा यहां ध्रुवीकरण नहीं कर पाई। कमलनाथ राहुल गांधी को पद यात्रा के दौरान भी इसी तरह की रणनीति पर चलेंगे। राहुल गांधी की पदयात्रा से प्रदेश वाले हिस्से को जो कार्यक्रम घोषित हुआ है उसके अनुसार राहुल मध्यप्रदेश में अनेक मंदिरों और मठों में जाएंगे तथा नर्मदा और शिप्रा जैसी पवित्र नदियों में स्नान भी करेंगे। उनकी यात्रा के दौरान प्रतिदिन सर्व धर्म प्रार्थना का भी आयोजन किया जाएगा। कमलनाथ की कोशिश होगी कि राहुल गांधी की यात्रा के बहाने कांग्रेसियों में जोश भरा जा सके और उनमें एकजुटता की भावना आए। यह यात्रा कारीब दस दिसम्बर तक मध्य प्रदेश में रहेगी। तब तक विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरु हो चुकी होगी।


इसलिए कमलनाथ चाहते हैं कि राहुल गांधी की इस यात्रा के बहाने कांग्रेसियों को एकजुट कर उनमें उत्साह की लहर पैदा की जा सके। दिग्विजय सिंह और कमलनाथ की जोड़ी राहुल गांधी की यात्रा को मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक सफलता दिलवाना चाहती है। दिग्विजय सिंह और कमलनाथ अलग-अलग हिस्सों में राहुल गांधी के साथ पैदल चलेंगे। राहुल गांधी की यात्रा की सफलता के लिए कांग्रेस ने प्रत्येक विधानसभा के लिए अलग-अलग नेताओं को तैनात किया है। इस यात्रा की तैयारी के लिए कमलनाथ लगातार प्रवास पर रहेंगे और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। इस संबंध में भोपाल में बड़ी बैठकें भी होंगी।



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