उम्मीदों का आईपीएल


कोरोना के इस कठिन दौर में यह खबर हौसला बढ़ाने वाली है कि आईपीएल का 13वां सीजन आगामी 19 सितंबर से शुरू होने जा रहा है। क्रिकेटर ही नहीं, इस महत्वपूर्ण आयोजन से जुड़ा हर तबका और दुनिया भर में फैले करोड़ों क्रिकेट प्रेमी पिछले चार महीने से इस घोषणा का इंतजार कर रहे थे। हालांकि महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसका आयोजन इस बार भारत के बजाय संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कराने का फैसला हुआ है।

देश के बाहर आईपीएल के आयोजन का यह तीसरा मौका है और ज्यादातर क्रिकेट प्रेमियों को इससे कोई समस्या नहीं होती। आयोजन को भारत सरकार की हरी झंडी मिलना अभी बाकी है, हालांकि फैसला आईपीएल और बीसीसीआई के स्तर पर सभी स्टेकहोल्डर्स से विचार-विमर्श के बाद हुआ है, लिहाजा लगता नहीं कि इसमें अब कोई बड़ी बाधा आएगी। हां, कुछ छोटी-छोटी बाधाएं जरूर बची हुई हैं, मसलन प्रायोजक कंपनियों का मामला।

आईपीएल के प्रायोजकों में कुछ चीनी कंपनियां भी हैं। गलवान घाटी में 20 भारतीय सैनिकों की शहादत के बाद खुद बीसीसीआई ने घोषणा की थी कि आईपीएल में चीनी कंपनियों की स्पॉन्सरशिप की समीक्षा की जाएगी। कहा जा रहा है कि अगले हफ्ते आईपीएल गवर्निंग काउंसिल की बैठक में इस पर विचार किया जाएगा। वैसे आईपीएल के लिए नए स्पॉन्सर ढूंढना भी कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन इसके टाइटल स्पॉन्सर वीवो के साथ पांच साल का कॉन्ट्रैक्ट है, 2199 करोड़ रुपये का। देखना होगा कि संबंधित पक्ष इस मामले को कैसे सुलझाते हैं।

एक सवाल यह भी है कि क्या मैच बिल्कुल खाली स्टेडियम में होंगे, या थोड़े-बहुत दर्शकों की गुंजाइश बन सकती है इस बारे में आखिरी फैसला यूएई सरकार ही करेगी, लेकिन तमाम सावधानियों के साथ थोड़े-बहुत भी दर्शक स्टेडियम में रहे तो टूर्नामेंट की चमक बहुत बढ़ जाएगी। अभी तक की योजना के मुताबिक 19 सितंबर को उद्घाटन मैच से महीना भर पहले यानी 20 अगस्त तक सारी टीमें यूएई के लिए उड़ान भर लेंगी, तभी उन्हें प्रैक्टिस के लिए एक महीने का वक्त मिल पाएगा। क्वारंटीन पीरियड को ध्यान में रखें तो इसके भी पंद्रह-बीस दिन पहले, यानी अगस्त की शुरुआत में ही देश-विदेश के सभी खिलाडिय़ों को टीम फ्रैंचाइजी के पास रिपोर्ट करना होगा।

यानी वक्त अब बिल्कुल नहीं बचा है। बहरहाल, यह आयोजन भले ही क्रिकेट का हो, लेकिन इस बार के आईपीएल का रिश्ता सिर्फ क्रिकेट से नहीं है। पस्ती, अलगाव और अतिशय सावधानी के इस माहौल में आईपीएल से लोगों के मन के भीतर भी एक नई शुरुआत हो सकती है। महामारी का दायरा समेटने और उससे निपटने के उपाय जारी हैं लेकिन इसके समानांतर जिंदगी की हरकतें भी जोर पकड़ रही हैं। आर्थिक गतिविधियों का एक पूरा चक्र आईपीएल से जुड़ा है, लिहाजा हम उम्मीद कर सकते हैं कि इसका यह सीजन केवल क्रिकेट की नहीं, पूरे देश के हौसले की नुमाइंदगी करेगा।


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