इमरान खान के समर्थकों ने पूरे पाकिस्तान में किया प्रदर्शन, अमेरिका विरोधी नारे लगे

लाहौर,(आरएनएस)। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों ने विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के जरिए पूर्व प्रधानमंत्री एवं पार्टी अध्यक्ष इमरान खान को सत्ता से बाहर करने के खिलाफ लाहौर के लिबर्टी चौक पर एक रैली निकाली। पीटीआई के समर्थकों की यह रैली रविवार को रात नौ बजे शुरू हुई और सोमवार तडक़े तीन बजे तक चली। रैली के दौरान महिलाओं और बच्चों समेत कई समर्थकों ने खान के साथ एकजुटता दिखाई।

फैसलाबाद, मुल्तान, गुजरांवाला, वेहारी, झेलम और गुजरात जिलों सहित पंजाब प्रांत के अन्य हिस्सों से भी बड़ी सभाएं होने की खबर है। इस्लामाबाद और कराची में भी पीटीआई समर्थकों की बड़ी भीड़ उमड़ी। इमरान खान के आह्वान पर रविवार रात नौ बजे के बाद अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जो कई घंटों तक जारी रहे। इससे पहले खान ने रविवार सुबह ट्वीट किया था, पाकिस्तान में शासन परिवर्तन में विदेशी ताकतों के खिलाफ आज स्वतंत्रता आंदोलन की शुरुआत करें। उन्होंने, ‘हमेशा लोग ही अपनी संप्रभुता तथा लोकतंत्र की रक्षा करते हैं। खान ने एक अन्य ट्वीट में, लाहौर रैली की तस्वीर साझा की और कहा कि उन्होंने इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा कभी नहीं देखी। इस प्रदर्शनों का नेतृत्व पीटीआई के स्थानीय नेतृत्व ने किया। इस दौरान पार्टी के कार्यकर्ता एवं समर्थक अमेरिका के खिलाफ नारे लगा रहे थे। खान ने अपनी सरकार को हटाने के पीछे अमेरिका का हाथ होने का दावा किया है। वे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ के खिलाफ भी नारे लगा रहे थे, जिनके सोमवार को देश का नया प्रधानंत्री बनने की संभावना है।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (एफ) के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। प्रदर्शनकारियों में से अधिकतर ने हाथ में तख्तियों ले रखी थीं, जिन पर लिखा था आयातित सरकार स्वीकार्य नहीं है। यह आयातित सरकार स्वीकार्य नहीं है सोमवार तडक़े तक 27 लाख से अधिक ट्वीट के साथ पाकिस्तान में ट्विटर पर ‘ट्रेंड भी कर रहा था। पूर्व संघीय मंत्री और पीटीआई की वरिष्ठ नेता शिरीन मजारी ने एक ट्वीट में कहा, पाकिस्तान और विदेशों से इस तरह के अद्भुत दृश्य...पाकिस्तानियों ने अमेरिकी शासन परिवर्तन को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि आयातित सरकार स्वीकार्य नहीं है...मेरी पसंदीदा तख्तियों में से है। उन्होंने पाकिस्तानी मीडिया के देशभर में, खासकर लाहौर और कराची में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को उचित तरीके ने ना दिखाने का आरोप भी लगाया।


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