इन तीन कारणों से मध्यप्रदेश में बरस रही आफत



भोपाल, । पूरे मध्यप्रदेश में लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते प्रदेश के अधिकांश जिलों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदेश में अब तक सामान्य औसत से 26 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है, लेकिन मानसून के तेवर अभी भी कमजोर नहीं पड़े हैं। मौसम विभाग के अनुसार इसकी वजह यह है कि प्रदेश में वर्षा की स्थिति बनाने वाले एक से अधिक कारक मौजूद हैं, जिनके चलते भारी से से अति भारी वर्षा हो सकती है और प्रदेश के 35 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मौजूद तीन कारक लगातार बारिश की स्थिति बना रहे हैं। इनमें से पहला कारण यह है कि उत्तर मध्यप्रदेश और इससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तरप्रदेश पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इससे संबंधित चक्रवाती हवाओं का घेरा समुद्र तल से 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। दूसरा कारण एक मानसून द्रोणिका (ट्रफ) है, जो निम्न दबाव के केंद्र गंगानगर से निम्न दवाब के केंद्र ( उत्तर मध्यप्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश का इलाका), सतना, डाल्टनगंज, जमशेदपुर, दीघा और पूर्व-दक्षिण-पूर्व में बंगाल की खाड़ी तक जाती है। तीसरा कारण एक और द्रोणिका है, जो दक्षिण गुजरात, उत्तर मध्यप्रदेश और उससे सटे दक्षिण पश्चिम उत्तरप्रदेश पर बने निम्न दबाव के क्षेत्र से छत्तीसगढ़, झारखंड होकर तटीय पश्चिम बंगाल तक जाती है। इनके चलते अगले तीन दिनों में प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश तथा 12-13 सितम्बर को भारी से अति भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है।

इन 35 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने प्रदेश के भोपाल, इंदौर, धार, खंडवा ,खरगोन, अलीराजपुर, झाबुआ, बड़वानी, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम, शाजापुर, आगर, देवास, नीमच, मंदसौर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, सीहोर, गुना, अशोकनगर, होशंगाबाद, हरदा, सागर, दमोह, टीकमगढ़, छतरपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, नरसिंहपुर, अनूपपुर, डिंडोरी और जबलपुर में अलर्ट जारी है।

0 views0 comments