आरबीआई का 8 बैंकों पर शिकंजा, नियमों में ढिलाई बरतने पर लगाया मोटा जुर्माना



नई दिल्ली ,(आरएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक ने एक साथ 8 सहकारी बैंकों पर जुर्माना लगा दिया है। इसमें एक बैंक विशाखापट्टनम को-ऑपरेटिव बैंक भी है जिस पर आरबीआई ने 55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन सभी बैंकों पर नियमों में ढिलाई बरतने और निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप है। रिजर्व बैंक समय-समय पर ऐसी कार्रवाई करता रहता है और बैंकों को बताए दिशा-निर्देश के बारे में आगाह करता है। दरअसल, रिजर्व बैंक ने बैंकिंग रेगुलेशन के तहत नियम बनाए हैं जिनका पालन हर हाल में करना जरूरी होता है। ऐसा नहीं होने पर रिजर्व बैंक कार्रवाई करता है।

आरबीआई ने सहकारी बैंकों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में बयान जारी किया और इसकी जानकारी दी। तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स इंप्लॉईज को-ऑपरेटिव बैंक, कैलाशपुरम के खिलाफ 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। केरल के पलक्कड़ जिला स्थित ओट्टापलन को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, नं.एफ. 1647 के खिलाफ 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

इसके अलावा रिजर्व बैंक ने तेलंगाना, हैदराबाद स्थित दारुस्सलाम को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एक बयान में रिजर्व बैंक ने कहा है कि आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम को-ऑपरेटिव बैंक के खिलाफ 55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस बैंक पर इनकम रिकॉग्निशन, एसेट क्लासिफिकेशन, प्रोविजनिंग और हाउसिंग स्कीम के फाइनेंस से जुड़े निर्देशों के उल्लंघन का आरोप है।

इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने नेल्लोर को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक लिमिटेड, गांधी नगर, नेल्लोर जिला, आंध्रप्रदेश पर भी 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। आंध्र प्रदेश के ही पूर्व गोदावरी जिले में स्थित काकीनाडा को-ऑपरेटिव टाउन बैंक लिमिटेड पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा, केंद्रपाड़ा शहरी सहकारी बैंक, केंद्रपाड़ा पर 1 लाख रुपये और राष्ट्रीय शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

आरबीआई ने कहा कि जुर्माने से जुड़ा हर मामला दंड नियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित हैं और उनके द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर रोक लगाने का इरादा नहीं है। इसका अर्थ हुआ कि बैंकों पर भले जुर्माना लगाया गया है, लेकिन ग्राहकों से जुड़े किसी काम पर असर नहीं होगा। ग्राहक पहले की तरह बैंकिंग सुविधाएं लेते रहेंगे।

आरबीआई इससे पहले भी बैंकों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। छोटे बैंकों से लेकर बड़े बैंक और सहकारी बैंक भी इस कार्रवाई में शामिल होते हैं।


नियमों की अनदेखी या उल्लंघन के चलते रिजर्व बैंक इस तरह की कार्रवाई करता है। जुर्माने के अलावा बैंकों पर प्रतिबंध भी लगाया जाता है।


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