• dainik kshitij kiran

आफत और राहत


कोरोना संक्रमण के संकट से जूझ रहे देश में अनलॉक पांच की शुरुआत इस मकसद से हुई है कि जान के साथ जहान बचाना भी जरूरी है। अन्यथा ऐसी स्थितियां अभी बिल्कुल नहीं हैं कि व्यापक छूट दी जा सके। लेकिन हाल में वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी के डराने वाले आंकड़े बताते हैं कि कोरोना के संग जीना सीखना होगा। अनलॉक की प्रक्रिया के साथ ही विशेषज्ञ देश के कुछ इलाकों में दशहरा-दीवाली के साथ संक्रमण की दूसरी वेब की आशंका भी जता रहे हैं। बहरहाल, संक्रमण के लिहाज से बीता सितंबर माह बेहद बुरा साबित हुआ। माह के आखिरी दिन 1173 लोगों की मौत के साथ कोविड-19 से मरने वालों का आंकड़ा 99 हजार के करीब पहुंच गया। इनमें 34 फीसदी मौतें सितंबर महीने में हुईं। सिंतबर के आखिरी दिन भी करीब 86 हजार से अधिक नये मामले मिले और देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 63 लाख के पार चली गई। सितंबर महीने में कोरोना के सवा 26 लाख मामले सामने आये जो कि कुल संक्रमितों के 41?फीसदी हैं। ऐसे में अनलॉक-पांच की प्रक्रिया शुरू करना जहां हमारी मजबूरी है वहीं हमारी चिंता का सबब भी है। जब देश में सिनेमा हॉल और स्कूल खोलने के बात सामने आ रही है तो लोगों व अभिभावकों की चिंता बढऩा भी स्वाभाविक है। दरअसल, छह महीने के लॉकड़ाउन के चलते जहां देश का फिल्म उद्योग चौपट हो गया है, वहीं बच्चे भी लगातार घर में रहते-रहते उकता गये हैं। घर में बोरियत है तो बाहर जीवन पर संकट का खतरा। दरअसल, इस भयावह महामारी ने ऐसे हालात पैदा कर दिये हैं कि न उगलते बनता है और न ही निगलते। हमारी चिंता तब और बढ़ जाती है जब उत्सवधर्मी देश में दशहरा, दुर्गा पूजा और दीवाली जैसे बड़े त्योहारों का आगमन होने को है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस दौर में ज्यादा संक्रमण की आशंका भी जता रहे हैं। लोग हैं कि हर अनलॉक के साथ लापरवाह होते जा रहे हैं।

हालांकि, गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में राहत के साथ शर्तों का भी जिक्र है। स्कूल और सिनेमा हॉल खोलने को लेकर स्थिति साफ की गई है। कंटेनमेंट जोन्स को लेकर 31 अक्तूबर तक सख्ती है और नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान यथावत है। मार्च से बंद स्कूल-कालेजों को 15 अक्तूबर से खोलने की अनुमति तो दी गई है लेकिन इस मामले में अंतिम फैसला राज्य सरकारों द्वारा किया जाना है। साथ ही संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील नाबालिग बच्चों के स्कूल जाने का फैसला अभिभावकों की अनुमति से किया जायेगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों के लिये हाजिरी अनिवार्य नहीं की गई है। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल दूरवर्ती शिक्षा व ऑनलाइन पढ़ाई बनी रहेगी। वहीं सिनेमा हॉल, मल्टीप्लेक्स, प्रदर्शनी हॉल व मनोरंजन पार्क कुछ शर्तों के साथ ही खुल सकेंगे। सिनेमा हॉल व मल्टीप्लेक्स में पचास फीसदी सीटें ?खाली रखनी होंगी। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों व कार्यालयों में मास्क पहनना अभी अनिवार्य ही रहेगा। दो गज की सुरक्षित दूरी बरकरार रखनी होगी। वहीं दफ्तरों में कर्मचारियों को आरोग्य सेतु का उपयोग अनिवार्य रूप से करना ही होगा। वहीं अनलॉक-पांच में निर्देश दिये गये हैं कि केंद्र शासित प्रदेश और राज्य अपनी सुविधा के लिये गृह मंत्रालय के निर्देशों को लचीला नहीं बना सकते। केंद्र की अनुमति के बिना लॉकडाउन नये सिरे से नहीं लगाया जा सकेगा। अनलॉक-पांच में कुछ शर्तों के साथ सौ से ज्यादा लोगों को एकत्र होने की अनुमति दी जा सकेगी। राज्यों के भीतर व बाहर आवाजाही पर किसी तरह का प्रतिबंध?अब नहीं रहेगा। साथ ही घर से काम करने की नीति को प्रोत्साहन देने की बात कही गई है। वहीं लंबे समय से स्वीमिंग पूल खोलने की मांग पर सरकार के निर्देश हैं कि केवल प्रैक्टिस के लिये स्वीमिंग पूल खोले जायेंगे। इस बार में अधिक निर्देश खेल मंत्रालय द्वारा अलग से जारी किये जाएंगे। बुजुर्गों, बच्चों, बीमारों व गर्भवती महिलाओं को अभी भी घर पर ही रहने की सलाह दी गई है।


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