‘आत्मनिर्भर भारत-सभी को राहत’

सुदर्शन पनतोड़े

कोरोना महामारी से अनेक राष्ट्र प्रत्येक क्षेत्र में विभिन्न कठिनाईयों एवं समस्याओं का सामना कर रहे हैं । इस वैश्विक महामारी के चलते भारत की अर्थव्यवस्था प्रभावित होना भी एक उसकी अपरिहार्यता थी। भारतीय अर्थव्यवस्था बड़े उद्योगों के साथ लघु, मध्यम, कुटिर उद्योग से आगे बढ़ती है । उद्योग जगत तथा समाज के सभी घटकों के लिए एक नई ऊर्जा की जरूरत थी। यह देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को आत्मनिर्भर एवं सभी का मनोबल बढ़ाने वाले सर्वसमाहित ऐसे 20 लाख करोड़ रूपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। प्रधानमंत्री ने इस पैकेज के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर होने का संदेश देते हुए लोकल स्तर पर मैन्यूफैक्चरिंग पर जोर दिया और लोकल के लिए वोकल बनने का आह्वान किया। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उन्होंने चार साधन, जमीन, श्रम लिक्विडिटी (नकद) और कानून को सुचारू, सुगम एवं सहज किया जाएगा ताकि इस संबंध में जो जटिलताएं हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।

प्रधानमंत्री के आर्थिक पैकेज की रूप रेखा रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 15 घोषणाएं कीं। छह लाख करोड़ के पैकेज एमएसमई, बिजली वितरण, रियल एस्टेट क्षेत्र को राहत मिलेगी। एमएसएमई की परिभाषा बदलने से काफी फायदा होगा। रियल एस्टेट को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए अवधि बढ़ाना, बिजली वितरण कंपनियों को कर्ज साथ ही टीडीएस और टीसीएस दरों में कटौती आम करदाताओं के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा । हाऊसिंग सेक्टर को 70 हजार करोड़ का बूस्ट मिलेगा। आत्मनिर्भर पैकेज के अंतर्गत दूसरे चरण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि किसानों, प्रवासी मजदूरों और रेहड़ी पटरी वालों को कार्यशील पूंजी कर्ज उपलब्ध कराने हेतु 3 लाख 16 हजार करोड़ रूपए की व्यवस्था की गई है । इसमें 8 करोड़ प्रवासी मजदूरों के राशन के लिए 3500 करोड़ रूपए का प्रावधान, उन्हें दो महीने तक प्रति व्यक्ति मुफ्त पांच किलो अनाज और प्रति परिवार एक किलो चना दी जाएगी। प्रवासी मजदूरों का मनरेगा के अंतर्गत काम मिलेगा। किसानों का किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 30 हजार करोड़ रूपए का सस्ता कर्ज दिया जाएगा। साथ ही 50 लाख रेहड़ी-पटरी फेरीवालों को 10 हजार रूपए तक कर्ज मिलेगा।

सरकार ने किसानों को और अधिक राहत देने हेतु आवश्यक वस्तु अधिनियम राहत देने हेतु आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन, एपीएमसी कानून और एग्रीकल्चर प्रोड्यूस प्राइस एण्ड क्वालिटी एश्योरेंस जैसे तीन सुधारों को हरी झंडी देकर किसानों को उनके उत्पाद को उचित मूल्य एवं आमदनी बढ़ाने में मददगार होंगे । वित्त मंत्री ने कृषि क्षेत्र के साथ पशुपालन, डेयरी, मत्स्य, खाद्य प्रसंस्करण, शहद उत्पादन, जड़ी-बूटी और ऑपरेशन ग्रीन को और अधिक

वित्तीय सहायता की घोषणा की गई है । मनरेगा के लिए 61 हजार करोड़ रूपए के बजटीय प्रावधानों के लिए 40 हजार करोड़ रूपए की अतिरिक्त राशि की घोषणा की, सूक्ष्म, खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों के विकास के लिए 10 हजार करोड़ रूपये, पशुपालन के लिए 13 हजार करोड़ रूपये और डेयरी क्षेत्र के लिए 15 हजार करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है । इन क्षेत्रों के लिए इस व्यवस्था से कृषि क्षेत्र तथा संबंधित क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति किसानों को राहत मिलेगी । उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी । उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी । एक दिशा माध्यम से देना का प्रयास किया गया । किसानों को अपने खेती का उत्पाद बिना रूकावट अन्य जगह में बिक्री कर सकेंगे । एक मुफ्त व्यवस्था से उन्हें काफी मदद मिलेगी । पैकेज में नई तकनीक के

लिए व्यवस्था की गई है। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के अंतर्गत वित्त मंत्री ने रक्षा, अंतरिक्ष, आणविक उर्जा, जैसे संवेदनशील क्षेत्र, देश-विदेश के कंपनियों के लिए खोलने की घोषणा की। रक्षा क्षेत्र में मैन्यूफैक्चरिंग के लिए एफडीआई सीमा 49 से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की गई है । रक्षा क्षेत्र में एफडीआई बढऩे से इसका सीधा फायदा लघु, सूक्ष्म और मझोले उद्योगों को मिलेगा । रक्षा क्षेत्र में बड़े उद्योगों की स्थापना के बाद इनके लिए छोटे-छोटे कलपुर्जों की आपूति इन्हीं एमएसएमई ही करेंगे। 50 कोयला ब्लॉक पहली बार कर्मशियल मायनिंग के लिए देने की घोषणा की तथा 50 हजार करोड़ रूपये कोयला क्षेत्र में विनिर्माण सुधार के लिए होंगे। आत्मनिर्भर भारत पैकेज के माध्यम से प्रत्येक क्षेत्र को गतिमान करने हेतु उन्हें आर्थिक सहायता के साथ अन्य प्रक्रिया में अड़चनें, समस्याओं को दूर करने हेतु विभिन्न कदम उठाए गए हैं। सभी क्षेत्रों में ऊर्जा निर्माण करने हेतु संबंधित संस्था, संगठन प्रक्रिया एवं सहभागी व्यक्तियों को दूरदर्शी एवं एक कदम आगे बढक़र इस अवसर को सकारात्मक सोच के साथ अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा देने के लिए अग्रसर होना होगा । निजी एवं सार्वजनिक सहभागिता एक महत्वपूर्ण कदम है। सभी घटक एवं क्षेत्रों के अपनी भूमिका को न्याय देना होगा। आत्मनिर्भर भारत पैकेज से देश के प्रवासी मजदूरों, किसानों, व्यापारियों, लघु उद्यमियों, रक्षा, रियल इस्टेट, ऊर्जा और माइनिंग क्षेत्रों को काफी संबल मिलेगा । कोरोना माहमारी के इस कठिन समय में इन क्षेत्रों को आवश्यक आर्थिक मदद मिलने से देश का आर्थिक चक्र घुमने लगेगा और देश आपदा से उत्पन्न आर्थिक संकट से उबर जाएगा ।

लेखक पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर में अपर महानिदेशक हैं।

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