आज हमारी संस्कृति पर हो रहा है हमला : कमलनाथ

- ग्राम दिघोरी में स्थापित हुई बाबा साहब की प्रतिमा

छिंदवाड़ा (निप्र.)। हमारा देश अनेक धर्म और एक राष्ट्र की ऐतिहासिक परम्परा को दर्शाता है। हमारे संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने हमारे देश को एक ऐसा संविधान दिया, जिसमें हर धर्म, हर जाति और हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिला है। हमारी सभ्यता और संस्कृति को पर्याप्त मान सम्मान और स्थान दिया गया है। परन्तु आज हालात बदल रहे हैं। हमारा संविधान गलत हाथों में पहुंच गया है और हमारी संस्कृति पर लगातार हमले हो रहे हैं। यह बात शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पांढुर्ना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम दिघोरी में बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा के अनावरण अवसर पर उपस्थित विशाल जनसमूह को सम्बोधित करते हुए कहे। उन्होंने प्रदेश के युवाओं व बेरोजगारों के भविष्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज के युवा और बीस साल पहले के युवाओं में अंतर है आज का युवा अधिक जागरूक है परन्तु भाजपा के विगत 18 वर्षों के शासन काल में युवाओं का भविष्य बर्बाद हो गया है। केवल कुछ नहीं चाहते वे केवल अपने हाथों के लिए काम चाहिये परन्तु वर्तमान प्रदेश सरकार को युवा पीढ़ी के भविष्य की चिंता नहीं है। कमलनाथ ने कहा कि आज प्रश्न कांग्रेस या कमलनाथ का नहीं है, आज प्रश्न इन युवाओं के भविष्य का है। इन हालातों में हम कैसे मध्यप्रदेश का नवनिर्माण कर पायेंगे। किसानों की बदहाली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के लिए हर दिन एक नई घोषणा होती है, हर दिन एक नया नारा और नया सपना दिखाया जाता है परन्तु आज तक कुछ नहीं हुआ। किसानों को अपनी उपज का दोहरा मूल्य दिलाने वालों को दोगली नीति के कारण आज का किसान अपनी उपज की लागत तक नहीं निकाल पा रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से अपील की कि वे प्रदेश की तस्वीर को देखते और समझें कब तक हमें धोखे में रखा जावेगा इसलिये हमें सच्चाई को समझना होगा, तभी आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित होगा। ग्राम दिघोरी पहुंचने पर सर्वप्रथम कमलनाथ ने बड़ा देव की पूजा अर्चना की। इसके उपरांत देश के संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे, विधायक निलेश उइके, पूर्व विधायक जतन उइके, गुरुचरण खरे, रामप्रसाद उइके, इंदरलाल कंगाली, सुनील जुनूनकर, शिवनारायण डेहरिया सहित अन्य सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी व ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

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