आज प्राचीन मरीह माता मंदिर में की जाएगी 108 दीप जलाकर मां कात्यायनी की आराधना



सीहोर ( निप्र)। शहर के विश्राम घाट मां चौसट योगिनी मरीह माता मंदिर में जारी नौ दिवसीय दिव्य यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इस क्रम में बुधवार को यहां पर मौजूद श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ कन्याओं को भोजन प्रसादी का वितरण किया। अब गुरुवार को सुबह ग्यारह बजे 108 दीप प्रज्जवलित कर विशेष अनुष्ठान किया जाएगा।

बुधवार को सुबह पंडित उमेश शर्मा और मंदिर के व्यवस्थापक गोविन्द मेवाड़ा आदि के द्वारा यहां पर जारी हवन में आहुतियां दी और उसके पश्चात पांचवें दिवस स्कंद माता का आह्वान किया। इस मौके पर पंडित श्री शर्मा ने बताया कि मां दुर्गा के पंचम स्वरूप मां स्कंदमाता का पूजन होता है। धार्मिक मान्यता है कि स्कंदमाता की आराधना करने से भक्तों के हर दुख दूर हो जाते हैं। संतान प्राप्ति के लिए स्ंकदमाता की आराधना करना लाभकारी माना गया है। मां को अत्यंत दयालु माना जाता है। देवी स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं। इनकी दाहिनी तरफ की ऊपर वाली भुजा में भगवान स्कंद गोद में हैं और नीचे वाली भुजा में कमल पुष्प है। बाईं तरफ की ऊपरी भुजा वरमुद्रा में और नीचे वाली भुजा में भी कमल हैं।

माता का वाहन शेर है। स्कंदमाता कमल के आसन पर भी विराजमान होती हैं। इन दिनों चैत्र नवरात्रि का क्रम जारी है। जहां पर हर दिन माता का विशेष श्रृंगार किया जाता है। आगामी 10 अपै्रल को भव्य रूप से भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

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