अब सिर्फ एक दिन की ही दवा से होगा फाइलेरिया का इलाज

लखनऊ, (ए)। फाइलेरिया का इलाज अब साल में सिर्फ एक दिन की ही दवा से किया जाएगा। पहले यही इलाज प्रत्येक तीन महीने पर 12 दिन चलता था। संचारी रोग विभाग के निदेशक डॉ. एके सिंह ने बताया कि फाइलेरिया को जड़ से समाप्त करने के लिए यूपी में अब डब्ल्यूएचओ का मॉडल अपनाया जाएगा। इस मॉडल के तहत संक्रमित व्यक्ति को साल में सिर्फ एक दिन की ही दवा खिलाई जाएगी। इससे उसके शरीर में मौजूद माइक्रो फाइलेरिया पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। डॉ. सिंह मंगलवार को राजधानी के एक होटल में 19 जिलों में हुए मास एडमिनिस्ट्रेटिव राउन्ड की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। डॉ. सिंह के मुताबिक, पहले यही इलाज करवाने के लिए हर तीन-तीन माह पर 12-12 दिन यानी एक साल में कुल 48 दिन दवा खानी पड़ती थी। समीक्षा बैठक में उन्होंने गोरखपुर जिले की तारीफ करते हुए कहा कि अन्य जिले भी बेहतर अभियान चलाएंगे तभी यह बीमारी पूरी तरह समाप्त होगी।राज्य कार्यक्रम अधिकारी, फाइलेरिया डॉ वीपी सिंह ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी के प्रति प्रदेश में जागरुकता बढ़ी है। पहले जहां हमारी स्वास्थ्य टीम को नाइट ब्लड सर्वेक्षण के लिए लोगों को काफी समझाना पड़ता था वहीं अब लोग स्वयं सहयोग कर रहे हैं। ब्लॉक स्तर की रणनीति भी काफी कारगर साबित हुई है।


उन्होंने जनमानस से अपील की कि यदि हर साल फाइलेरिया से बचाव की दवा नियमित रूप से पांच साल तक खा ली जाए तो यह बीमारी आपके पास नजर नहीं आएगी। आप स्वस्थ रहेंगे तो आप दूसरों को भी संक्रमित नहीं करेंगे।


बीएमजीएफ के डॉ. भूपेन्द्र त्रिपाठी ने इस बीमारी के राष्ट्रीय परिदृश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी बीमारी के समाज से अचानक खत्म करने की कल्पना नहीं की जा सकती है। हां, नियमित प्रयास से पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है। इस मौके पर डब्ल्यूएचओ के रीजनल ऑफिस के डॉ. चौधरी और राज्य के अधिकारी समेत 19 जिलों के अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी समेत कई प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।

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