अजय सिंह ने की उपचुनाव वाले क्षेत्रों में हुई नियुक्तियों को निरस्त करने की मांग


भोपाल । मध्यप्रदेश में इन दिनों विधानसभा की रिक्त 24 सीटों के लिए उपचुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियां भाजपा और कांग्रेस इन उपचुनावों को लेकर तैयारियों में जुटी हुई हैं। इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि हाल ही में उपचुनाव वाले क्षेत्रों में की गई नियुक्तियों को निरस्त किया जाए।

कांग्रेस नेता अजय सिंह ने शुक्रवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि प्रदेश के 22 के अलावा दो अन्य विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर हाल ही में इन क्षेत्रों में सरकारी अधिकारी कर्मचारियों की गई पदस्थापनाओं को तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही इन विधानसभा क्षेत्रों में सारी नियुक्तियां पैनल मंगाकर चुनाव आयोग द्वारा की जाए और जन अभियान परिषद को भंग करके चुनाव वाले क्षेत्रों में उनका आवागमन प्रतिबंधित किया जाए। पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार को लोकतांत्रिक ढंग से गिराने के बाद अब इन उप चुनाव क्षेत्रों में मतदान और मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रपंच रच रही है। पिछले दिनों उपचुनाव वाले जिलों में कई अधिकारियों कलेक्टर से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारी कर्मचारियों का स्थानांतरण कर चुनाव को प्रभावित करने वाले अधिकारियों की नियुक्तियां की गई है।

यही नहीं जन अभियान परिषद जिसमें सारी नियुक्ति भाजपा कार्यकर्ताओं की हुई है, उन्हें इन उप चुनाव क्षेत्रों में गांव-गांव में भेजा गया है जो कि भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग तत्काल जन अभियान परिषद के संविदा कर्मियों और कर्मचारियों को उपचुनाव वाले क्षेत्रों में किए जाने वाले आवागमन प्रतिबंधित करें।


अजय सिंह ने कहा कि निष्पक्ष स्वतंत्र मतदान कराने जाने के लिए जरूरी है कि भाजपा सरकार द्वारा निज हित के उपयोग के लिए किए जा रहे तंत्र के दुरुपयोग पर चुनाव आयोग अंकुश लगाए। उन्होंने मांग की है कि चुनाव आयोग तत्काल इन बिंदुओं पर कार्यवाही करे और निष्पक्ष तथा स्वतंत्र चुनावों के लिए इन क्षेत्रों पर निगरानी के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाए।


गृहमंत्री नरोत्त्म मिश्रा की पहल, निर्माण कार्यों से संबंधित क्षेत्रों में कम होंगी जीएसटी की दरें

भोपाल, 12 जून (हि.स.)। गृह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश में अधिक से अधिक लोगों को रोजगार देने के लिए भारत सरकार से निर्माण कार्यों से संबद्ध क्षेत्रों की जीएसटी की दरों को कम करने की पहल की है। मंत्री डॉ मिश्रा की इस पहल को स्वीकार किए जाने पर प्रदेश में रोजगार के न केवल नए अवसर सृजित होंगे बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सकेगा। मन्त्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा उन्होंने 40 वीं जीएसटी काउंसिल की मीटिंग में प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से जीएसटी दरों को कम करने की मांग की।


मंत्री डॉ. मिश्रा ने केंद्रीय वित्त मंत्री के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का देश के लिए संकट की इस घड़ी में आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज देने और प्रदेश को जीएसटी की 1386 करोड रुपए की राशि प्रदान करने पर आभार व्यक्त किया। मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि केंद्र से मिलने वाली जीएसटी राशि से कोरोना संकट काल में व्यवस्थाएं दुरस्त करने में प्रदेश को आवश्यक मदद मिली है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री सीतारमण से क्षतिपूर्ति फंड में भी ऋण की व्यवस्था करने का अनुरोध किया। मंत्री डॉ मिश्रा ने केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले ऋण में लगाई जाने वाली शर्तों को शिथिल कर राहत प्रदान करने की मांग की।


डॉ मिश्रा की पहल, कम करें जीएसटी दरें

मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में निर्माण कार्य से संबद्ध क्षेत्रों में लगने वाली 12 प्रतिशत की जीएसटी राशि को कम कर 9 प्रतिशत करने की पहल की। डॉ मिश्रा ने केंद्रीय वित्त मंत्री को अवगत कराया और कहा कि उन्होंने रोजगार संवर्धन के लिए सुबह उद्योगपतियों से चर्चा की थी। उद्योगपतियों के द्वारा बताया गया कि यदि जीएसटी की दरें कम हो जाएगी तो वे अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा कर अधिक से अधिक लोगों को रोजगार दे सकेंगे।


मेडिकल उपकरण पर लगने वाली जीएसटी की दरें कम हो

मंत्री डॉ मिश्रा ने चिकित्सीय उपकरणों पर लगने वाली जीएसटी की राशि में राहत प्रदान करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में राहत मिलने पर इलाज की बेहतर व्यवस्था न केवल उपलब्ध कराई जा सकेगी बल्कि उपचार के खर्च में भी कमी आएगी। इससे मरीजों को सुलभ तरीके से उपचार उपलब्ध कराने में आवश्यक मदद मिलेगी।


मंत्री डॉ मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में कोरोनावायरस के संक्रमण काल में जीएसटी में राहत प्रदान की जाती है, तो अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मदद मिलेगी। इससे अधिक से अधिक रोजगार सृजित हो सकेंगे और सरकार को भी संकट के इस दौर में अधिक से अधिक लोगों को सहायता पहुंचाने में मदद मिल सकेगी।

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